मजदूर का जीवन// majdur ka jiwan hindi stories

 राहुल नाम का एक व्यक्ति जो बहुत गरीब था वह जिस गांव में रहता था उस गांव के सभी लोग राहुल का मजाक उड़ाते थे गांव के सभी लोग राहुल की इज्जत नहीं करते थे राहुल मजदूरी करके अपना जीवन गुजार करता था लेकिन कभी-कभी राहुल को काम नहीं मिलता था जिस कारण से उसे कभी-कभी भूखा ही सोना पड़ता था 1 दिन रात में अचानक तेज बारिश होने लगी राहुल की पत्नी ने अपने पति को उठाया

मजदूर का जीवन// majdur ka jiwan hindi stories
मजदूर का जीवन 

और बोली बारिश बहुत तेज हो रही है राहुल का घर कच्चा था और पानी उसके घर में आ रहा था राहुल ने अपनी पत्नी को बोला सारा सामान बर्बाद हो जाएगा चलो कुछ सामान अपने भाई के घर रख दूं राहुल का भाई का घर पक्का मकान था राहुल और उसकी पत्नी कुछ सामान उठाकर राहुल के भाई के घर जाते हैं राहुल अपने भाई को आवाज लगाता है आवाज सुनकर राहुल का भाई दरवाजा खोलता है और बोलता है तुम इतनी तेज बारिश में यहां क्या कर रहे हो राहुल बोलता है भाई बारिश बहुत तेज हो रही है और हमारा घर भी कच्चा है सारा  सामान बर्बाद हो जाएगा इसलिए कुछ सामान तुम्हारे घर पर रखने आया हूं राहुल का भाई बोलता है ठीक है रख दो अपना जरूरत का सामान राहुल और उसकी पत्नी सामान रखकर अपने घर चले जाते हैं और अगले दिन राहुल अपने भाई के घर आता है और अपना सामान मांगता है राहुल का भाई बोलता है कौन सा सामान और तुमने मुझे कब दिया राहुल बोलता है कल जब तेज बारिश हो रही थी तब मैं और मेरी पत्नी आपके पास सामान रख कर चले गए थे राहुल का भाई बोलता है तुम झूठ मत बोलो और यहां से चुपचाप चले जाओ आखिरकार राहुल का भाई राहुल को उसका सामान नहीं देता है राहुल उदास होकर वहां से अपने घर आता है और अपनी पत्नी को सारी बातें बताता है उसकी पत्नी यह बात सुनकर


वह बहुत दुखी हो जाती है और बोलती है आज तो हम दोनों को भूखा ही सोना पड़ेगा क्योंकि उसमें जो अनाज था वह तो हम दोनों ने तुम्हारे भाई के घर रख दिए थे राहुल बोलता है क्यों चिंतित हो रही हो आज रात भर की तो बात है कल मैं कुछ ना कुछ इंतजाम कर दूंगा और अगले दिन राहुल काम की तलाश में घर से निकल जाता है और उसे एक मजदूरी का काम मिल जाता है काम करने के बाद जो पैसा मिलता है उससे वह अनाज खरीदा है और अपने घर आता है राहुल की पत्नी खाना बनाती है और दोनों खाना खा कर सो जाते हैं और अगले दिन राहुल फिर काम की तलाश में घर से निकल जाता है लेकिन राहुल को कहीं काम नहीं मिलता है। वह थक-हार के शाम में जब राहुल अपने घर आ रहा था तभी अचानक से तेज बारिश होने लगी राहुल तेज बारिश देख कर एक अच्छी जगह रुक गया बारिश 2 घंटे से लगातार हो रही थी  राहुल को लगा बारिश रुकने वाला नहीं है मुझे यहां से घर चले जाना चाहिए वरना मेरी पत्नी परेशान हो जाएगी राहुल तेज बारिश में अपने घर की ओर चलने लगा कुछ दूर जाने के बाद देखा कि एक आदमी अपनी कार को धक्का लगा रहा है राहुल वहां जाता है और कार वाले व्यक्ति से पूछता है क्या हुआ आप इतने परेशान क्यों दिख रहे हैं कार वाला व्यक्ति बोलता है मैं यहां 2 घंटे से फंसा हुआ हूं मैंने सभी से मदद मांगी लेकिन कोई भी तेज बारिश में मदद करने को तैयार नहीं हो रहा है राहुल बोलता है



मैं आपकी मदद करूंगा आप गाड़ी के अंदर बैठ जाइए मैं पीछे से धक्का मारूंगा और आप अपनी गाड़ी स्टार्ट करके आगे बढ़ाने की कोशिश करिएगा राहुल पीछे से कार को धक्का मारता है और कार वाला व्यक्ति अपनी कार स्टार्ट करता है दोनों की मेहनत रंग लाती है कार गढ़े से बाहर निकल जाती है कार वाला व्यक्ति नाम पूछता है साहब मेरा नाम राहुल है आपका क्या नाम है कार वाला व्यक्ति अपना नाम विजय बताता है विजय राहुल से पूछता है तुम इतनी तेज बारिश में कहां जा रहे हो राहुल बोलता है मैं अपने घर जा रहा हूं विजय बोलता है चलो मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ दूं राहुल बोलता है नहीं साहब आप मेरे लिए इतना कष्ट ना करें मैं पैदल यहां से अपने घर चला जाऊंगा विजय बोलता है कष्ट कैसा तुमने भी तो मेरे लिए तेज बारिश में मेरी मदद किये क्या मैं तुम्हारी मदद नहीं कर सकता हूं राहुल यह बात सुनकर विजय की कार में बैठ जाता है विजय गाड़ी स्टार्ट करता है और कुछ देर के बाद राहुल के घर पहुंच जाता है विजय राहुल से पूछता है तुम इस घर में रहते हो राहुल हां बोलता है विजय बोलता है क्या तुम



मुझे एक ग्लास पानी पिला सकते हो राहुल बोलता है। आप मेरे घर चलिए राहुल विजय को अपने घर लेकर आता है और अपनी पत्नी को बोलता है साहब के लिए एक गिलास पानी लेकर आओ राहुल की पत्नी विजय के लिए पानी लेकर आती है विजय पानी पीने के बाद राहुल से पूछता है तुम काम क्या करते हो राहुल बोलता है मेरा काम का कोई ठीक नहीं है जहां काम मिल जाए वहां काम करने लगता हूं विजय बोलता है क्या तुम मेरे साथ काम करोगे राहुल पूछता है कौन सा काम विजय बोलता है मेरे कंपनी के लिए मैनेजर की जरूरत है राहुल काम करने के लिए तैयार हो जाता है विजय बोलता है मैं कल तुम्हें अपनी कार से लेने आऊंगा और अगले दिन विजय अपनी कार से राहुल को लेने आता है तो वहां के लोग विजय को देख कर हैरान हो जाते हैं और आपस में बातचीत करते हैं हम लोग जिसकी इज्जत नहीं करते थे आज देखो उसके घर के सामने एक कार खड़ी है और कुछ देर के बाद राहुल और उसकी पत्नी कार में बैठ कर चले जाते हैं। 

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